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क्राइम

अलवर में 5 साल की मासूम से दरिंदगी करने वाले मौलवी को उम्रकैद की सजा

अपडेटेड ऑन: **14 Nov, 2025**

अलवर में 5 साल की मासूम से दरिंदगी करने वाले मौलवी को उम्रकैद की सजा

अलवर में मासूम से दरिंदगी करने वाले मौलवी को उम्रकैद की सजा

राजस्थान के अलवर जिले से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। मस्जिद में 5 साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म करने वाले मौलवी को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने टिप्पणी की कि “अबोध बालिका के साथ दरिंदगी जघन्य अपराध है, इसमें किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जा सकती।” मामला राजगढ़ थाना क्षेत्र का है। विशिष्ट लोक अभियोजक पंकज यादव के अनुसार, पीड़िता के पिता ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 22 सितंबर 2024 को मौलवी असजद ने बच्ची को “चीज देने के बहाने” मस्जिद में बुलाया और उसके साथ घिनौना अपराध किया। बच्ची की मां के पहुंचने पर आरोपी मौके से फरार हो गया। बाद में पुलिस ने जांच में घटना को सही पाया और आरोपी के खिलाफ चार्जशीट अदालत में पेश की। अभियोजन पक्ष ने अदालत में 16 गवाहों और 18 दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए। सभी सबूतों, मेडिकल रिपोर्ट और एफएसएल जांच के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराया। अदालत ने मौलवी को आजीवन कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई। साथ ही, पीड़िता को मुआवजा दिलाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देश दिया गया। न्यायाधीश ने कहा कि “ऐसे मामलों में किसी तरह की रियायत समाज के लिए गलत संदेश देती है। 5 साल की बच्ची के साथ हुई यह घटना इंसानियत को शर्मसार करती है।” देशभर में आए दिन मासूमों के साथ दरिंदगी के मामले सामने आते हैं। परिवार बदनामी के डर से घटना को अंजाम देने वाले के खिलाफ शिकायत नहीं करते। ऐसे में इस घिनौनी मानसिकता वाले लोगों के हौसले बुलंद होते हैं और वह अन्य मासूमों के साथ भी इस तरह की घटनाओं को अंजाम देते हैं। अगर आपके किसी परिचित के साथ घिनौनी हरकत हुई है तो बिना डरे पुलिस से ऐसे मामले की शिकायत करें, जिससे इस मानसिकता के लोग पकड़े जाएं।

अपडेटेड ऑन: **14 Nov, 2025**

"NAAC ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी को फर्जी मान्यता पर भेजा नोटिस, रेड फोर्ट ब्लास्ट का मामला गर्माया"

रेड फोर्ट ब्लास्ट की आंच में अल-फलाह यूनिवर्सिटी—NAAC ने फर्जी मान्यता पर नोटिस ठोका

दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके में 13 लोगों की मौत के बाद देश की सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं, और इसी जांच की कड़ी में नाम सामने आने के बाद फरीदाबाद स्थित Al Falah University अब शिक्षा और सुरक्षा—दोनों मोर्चों पर सवालों के घेरे में है। रेड फोर्ट ब्लास्ट की जांच के दौरान विश्वविद्यालय के कुछ कर्मचारियों, परिसर से जुड़े मूवमेंट और संभावित लिंक की पड़ताल ने इस संस्थान को राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में ला दिया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों का फोकस बढ़ा ही था कि इसी बीच विश्वविद्यालय के खिलाफ एक दूसरा बड़ा विवाद भी सामने आ गया—एक ऐसा विवाद जो सीधे-सीधे शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर प्रहार करता है। राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) ने अल-फालाह यूनिवर्सिटी को ‘फर्जी मान्यता दावा’ करने पर एक सख्त शो-कॉज़ नोटिस जारी कर दिया है। नोटिस में कहा गया है कि विश्वविद्यालय ने अपनी वेबसाइट और प्रचार सामग्री में दावा किया कि उसे “NAAC ग्रेड A” प्राप्त है, जबकि वास्तविकता बिल्कुल अलग है। NAAC के रिकॉर्ड के अनुसार, अल-फालाह स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग की मान्यता 2018, और अल-फालाह स्कूल ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग की मान्यता 2016 में ही समाप्त हो चुकी थी। इसके बावजूद संस्था ने वर्षों तक इन दावों को जारी रखा, जिससे छात्रों, अभिभावकों और शैक्षणिक समुदाय को गुमराह किया गया। यह केवल भ्रामक विज्ञापन नहीं, बल्कि शिक्षा जगत में भरोसे के बड़े संकट का संकेत है। NAAC ने नोटिस में चेतावनी दी है कि इस तरह की गलत जानकारी न सिर्फ एक गंभीर उल्लंघन है बल्कि विश्वविद्यालय को भविष्य में किसी भी मूल्यांकन या मान्यता प्रक्रिया में शामिल होने से रोका जा सकता है। इसके साथ ही, यह भी कहा गया है कि इस मामले की जानकारी आगे UGC और अन्य नियामक संस्थाओं के पास भेजी जाएगी, ताकि आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सके। शिक्षा जैसी संवेदनशील व्यवस्था में संस्थानों का इस तरह मानदंडों से खिलवाड़ करना पूरे क्षेत्र की विश्वसनीयता को दागदार बनाता है—और अब इस घटना ने उस खतरे को देश के सामने साफ-साफ उजागर कर दिया है। मामले को और गंभीर बनाता है यह तथ्य कि NAAC की कार्रवाई उस वक़्त हुई है जब विश्वविद्यालय का नाम रेड फोर्ट धमाके की जांच में सामने आ रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपनी ओर से सफाई देते हुए कहा है कि उसके किसी भी विभाग या परिसर में कोई संदिग्ध गतिविधि नहीं हुई, और जिन व्यक्तियों की बात हो रही है उनका संबंध केवल “औपचारिक रोजगार” तक सीमित था। लेकिन सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह एक बड़ा संकेत है—कि निजी शैक्षणिक संस्थानों की निगरानी, सत्यापन और पारदर्शिता को और कठोर बनाने की आवश्यकता है। यह पूरा प्रकरण केवल एक संस्थान का विवाद नहीं, बल्कि यह बताता है कि जब नियमन ढीला पड़े और जवाबदेही कमजोर हो जाए, तो शिक्षा भी जोखिम में पड़ती है और सुरक्षा भी। NAAC का नोटिस और धमाके की जांच—दोनों मिलकर यह संदेश दे रहे हैं कि देश को तत्काल, कठोर और स्पष्ट निगरानी व्यवस्था की जरूरत है, ताकि न शिक्षा का भरोसा टूटे और न राष्ट्र की सुरक्षा खतरे में पड़े।

24 घंटे में बच्चों का अपहरणकांड सुलझा

अपडेटेड ऑन: **14 Nov, 2025**

24 घंटे में बच्चों का अपहरणकांड सुलझा

24 घंटे में बच्चों का अपहरणकांड सुलझा

निश्चय टाइम्स, लखनऊ । राजधानी के आलमबाग क्षेत्र में गुरुवार को हुए दो मासूम बच्चों के अपहरण ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। घटना के महज 24 घंटे के भीतर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए दोनों बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया और अपहरणकर्ता को भी गिरफ्तार कर लिया।आरोपी ने खुलासा किया उसने दोनों बच्चों को एनर्जी ड्रिंक पिलाने और पूरा पीने पर 50 रुपये देने का लालच दिया था। इसी बहाने वह दोनों को अर्जुन की साइकिल पर बैठाकर ले गया था। अपहरणकर्ता ने मांगी थी दस लाख की फिरौती जानकारी के मुताबिक, बीजी कॉलोनी से 12 वर्षीय अर्जुन सिंह और 8 वर्षीय प्रद्युम्न यादव को साइकिल सवार एक युवक अपने साथ ले गया था। शुक्रवार सुबह अर्जुन के पिता संजय सिंह के पास व्हाट्सऐप कॉल के जरिए 10 लाख रुपये की फिरौती की मांग की गई और रुपये न देने पर दोनों बच्चों की हत्या की धमकी भी दी गई। आरोपी को पुलिस लखीमपुर खीरी के गोला गोकरननाथ से किया गिरफ्तार मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी मध्य अशीष श्रीवास्तव के निर्देशन में पुलिस की पांच टीमों का गठन किया गया। मोबाइल लोकेशन ट्रेसिंग के आधार पर पुलिस ने आरोपी को लखीमपुर खीरी के गोला गोकरननाथ क्षेत्र से दबोच लिया। वहीं दोनों अपहृत बच्चों को सकुशल परिजनों के हवाले कर दिया गया। अपहरण करने वाला निकला हाईस्कूल का छात्र गिरफ्तार आरोपी की पहचान विजय शर्मा निवासी आलमबाग पटेलनगर के रूप में हुई है, जो कि हाईस्कूल का छात्र है और मूल रूप से सीतापुर के लहरपुर का रहने वाला है। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने केवल पैसों के लालच में इस वारदात को अंजाम दिया था।आरोपी मूल रूप से सीतापुर के लहरपुर का रहने वाला है और आलमबाग स्थित गांधी इंटर कॉलेज में हाईस्कूल का छात्र है। आरोपी ने खुलासा किया उसने दोनों बच्चों को एनर्जी ड्रिंक पिलाने और पूरा पीने पर 50 रुपये देने का लालच दिया था। इसी बहाने वह दोनों को अर्जुन की साइकिल पर बैठाकर ले गया था। दाेनों बच्चों के सुरक्षित वापस लौटने पर परिजनों ने ली राहत की सांस स्थानीय लोगों के अनुसार, बच्चों के गायब होने की खबर मिलते ही कॉलोनी में हड़कंप मच गया था। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से दोनों बच्चों की सुरक्षित वापसी से परिवार और क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली।

अवैध शराब तस्करों पर निवास पुलिस का एक्शन, कुरकुरे के बंडल के नीचे छुपाकर ले जा रहा था लाखों की अवैध शराब

अपडेटेड ऑन: **14 Nov, 2025**

अवैध शराब तस्करों पर निवास पुलिस का एक्शन, कुरकुरे के बंडल के नीचे छुपाकर ले जा रहा था लाखों की अवैध शराब

अवैध शराब तस्करों पर निवास पुलिस का एक्शन, कुरकुरे के बंडल के नीचे छुपाकर ले जा रहा था लाखों की अवैध शराब

मण्डला। थाना निवास पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए बड़ी मात्रा में अंग्रेजी शराब तथा परिवहन में प्रयुक्त पिकअप वाहन जप्त किया है। दो आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। 12 जुलाई की रात मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक पिकअप वाहन एमपी/52/जेडबी/5707 जबलपुर से निवास होते हुए डिण्डौरी की ओर जा रहा है जिसमें कुरकुरे के बंडलों के नीचे बड़ी मात्रा में शराब छुपाकर परिवहन की जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक वर्षा पटेल के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस टीम द्वारा ग्राम खड़देवरी भीखमपुर तिराहा निवास जबलपुर मार्ग पर घेराबंदी कर संदिग्ध वाहन को रोककर वाहन की तलाशी ली गई जिसमें कुल 39 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद की गई। इसमें 15 पेटी एमडी रम थीं जिनमें कुल 129.6 लीटर शराब पाई गई। वहीं 24 पेटी जिनियस ट्रिपल एक्स रम से 216 लीटर शराब मिली। कुल बरामद शराब की मात्रा 345.6 लीटर रही जिसकी अनुमानित कीमत 2,77,200 है। परिवहन में प्रयुक्त पिकअप वाहन की अनुमानित कीमत लगभग 10 लाख है। वाहन में सवार दोनों आरोपियों गगन बनवासी पिता समारू बनवासी उम्र 34 वर्ष तथा सुकाली बनवासी पिता जवाहर बनवासी उम्र 25 वर्ष दोनों निवासी ग्राम देवरा थाना डिण्डौरी को मौके पर गिरफ्तार किया गया।

अपडेटेड ऑन: **14 Nov, 2025**

अलवर में 5 साल की मासूम से दरिंदगी करने वाले मौलवी को उम्रकैद की सजा

अलवर में मासूम से दरिंदगी करने वाले मौलवी को उम्रकैद की सजा

राजस्थान के अलवर जिले से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। मस्जिद में 5 साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म करने वाले मौलवी को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने टिप्पणी की कि “अबोध बालिका के साथ दरिंदगी जघन्य अपराध है, इसमें किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जा सकती।” मामला राजगढ़ थाना क्षेत्र का है। विशिष्ट लोक अभियोजक पंकज यादव के अनुसार, पीड़िता के पिता ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 22 सितंबर 2024 को मौलवी असजद ने बच्ची को “चीज देने के बहाने” मस्जिद में बुलाया और उसके साथ घिनौना अपराध किया। बच्ची की मां के पहुंचने पर आरोपी मौके से फरार हो गया। बाद में पुलिस ने जांच में घटना को सही पाया और आरोपी के खिलाफ चार्जशीट अदालत में पेश की। अभियोजन पक्ष ने अदालत में 16 गवाहों और 18 दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए। सभी सबूतों, मेडिकल रिपोर्ट और एफएसएल जांच के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराया। अदालत ने मौलवी को आजीवन कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई। साथ ही, पीड़िता को मुआवजा दिलाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देश दिया गया। न्यायाधीश ने कहा कि “ऐसे मामलों में किसी तरह की रियायत समाज के लिए गलत संदेश देती है। 5 साल की बच्ची के साथ हुई यह घटना इंसानियत को शर्मसार करती है।” देशभर में आए दिन मासूमों के साथ दरिंदगी के मामले सामने आते हैं। परिवार बदनामी के डर से घटना को अंजाम देने वाले के खिलाफ शिकायत नहीं करते। ऐसे में इस घिनौनी मानसिकता वाले लोगों के हौसले बुलंद होते हैं और वह अन्य मासूमों के साथ भी इस तरह की घटनाओं को अंजाम देते हैं। अगर आपके किसी परिचित के साथ घिनौनी हरकत हुई है तो बिना डरे पुलिस से ऐसे मामले की शिकायत करें, जिससे इस मानसिकता के लोग पकड़े जाएं।

अपडेटेड ऑन: **14 Nov, 2025**

"NAAC ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी को फर्जी मान्यता पर भेजा नोटिस, रेड फोर्ट ब्लास्ट का मामला गर्माया"

रेड फोर्ट ब्लास्ट की आंच में अल-फलाह यूनिवर्सिटी—NAAC ने फर्जी मान्यता पर नोटिस ठोका

दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके में 13 लोगों की मौत के बाद देश की सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं, और इसी जांच की कड़ी में नाम सामने आने के बाद फरीदाबाद स्थित Al Falah University अब शिक्षा और सुरक्षा—दोनों मोर्चों पर सवालों के घेरे में है। रेड फोर्ट ब्लास्ट की जांच के दौरान विश्वविद्यालय के कुछ कर्मचारियों, परिसर से जुड़े मूवमेंट और संभावित लिंक की पड़ताल ने इस संस्थान को राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में ला दिया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों का फोकस बढ़ा ही था कि इसी बीच विश्वविद्यालय के खिलाफ एक दूसरा बड़ा विवाद भी सामने आ गया—एक ऐसा विवाद जो सीधे-सीधे शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर प्रहार करता है। राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) ने अल-फालाह यूनिवर्सिटी को ‘फर्जी मान्यता दावा’ करने पर एक सख्त शो-कॉज़ नोटिस जारी कर दिया है। नोटिस में कहा गया है कि विश्वविद्यालय ने अपनी वेबसाइट और प्रचार सामग्री में दावा किया कि उसे “NAAC ग्रेड A” प्राप्त है, जबकि वास्तविकता बिल्कुल अलग है। NAAC के रिकॉर्ड के अनुसार, अल-फालाह स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग की मान्यता 2018, और अल-फालाह स्कूल ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग की मान्यता 2016 में ही समाप्त हो चुकी थी। इसके बावजूद संस्था ने वर्षों तक इन दावों को जारी रखा, जिससे छात्रों, अभिभावकों और शैक्षणिक समुदाय को गुमराह किया गया। यह केवल भ्रामक विज्ञापन नहीं, बल्कि शिक्षा जगत में भरोसे के बड़े संकट का संकेत है। NAAC ने नोटिस में चेतावनी दी है कि इस तरह की गलत जानकारी न सिर्फ एक गंभीर उल्लंघन है बल्कि विश्वविद्यालय को भविष्य में किसी भी मूल्यांकन या मान्यता प्रक्रिया में शामिल होने से रोका जा सकता है। इसके साथ ही, यह भी कहा गया है कि इस मामले की जानकारी आगे UGC और अन्य नियामक संस्थाओं के पास भेजी जाएगी, ताकि आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सके। शिक्षा जैसी संवेदनशील व्यवस्था में संस्थानों का इस तरह मानदंडों से खिलवाड़ करना पूरे क्षेत्र की विश्वसनीयता को दागदार बनाता है—और अब इस घटना ने उस खतरे को देश के सामने साफ-साफ उजागर कर दिया है। मामले को और गंभीर बनाता है यह तथ्य कि NAAC की कार्रवाई उस वक़्त हुई है जब विश्वविद्यालय का नाम रेड फोर्ट धमाके की जांच में सामने आ रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपनी ओर से सफाई देते हुए कहा है कि उसके किसी भी विभाग या परिसर में कोई संदिग्ध गतिविधि नहीं हुई, और जिन व्यक्तियों की बात हो रही है उनका संबंध केवल “औपचारिक रोजगार” तक सीमित था। लेकिन सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह एक बड़ा संकेत है—कि निजी शैक्षणिक संस्थानों की निगरानी, सत्यापन और पारदर्शिता को और कठोर बनाने की आवश्यकता है। यह पूरा प्रकरण केवल एक संस्थान का विवाद नहीं, बल्कि यह बताता है कि जब नियमन ढीला पड़े और जवाबदेही कमजोर हो जाए, तो शिक्षा भी जोखिम में पड़ती है और सुरक्षा भी। NAAC का नोटिस और धमाके की जांच—दोनों मिलकर यह संदेश दे रहे हैं कि देश को तत्काल, कठोर और स्पष्ट निगरानी व्यवस्था की जरूरत है, ताकि न शिक्षा का भरोसा टूटे और न राष्ट्र की सुरक्षा खतरे में पड़े।

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24 घंटे में बच्चों का अपहरणकांड सुलझा

24 घंटे में बच्चों का अपहरणकांड सुलझा

निश्चय टाइम्स, लखनऊ । राजधानी के आलमबाग क्षेत्र में गुरुवार को हुए दो मासूम बच्चों के अपहरण ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। घटना के महज 24 घंटे के भीतर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए दोनों बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया और अपहरणकर्ता को भी गिरफ्तार कर लिया।आरोपी ने खुलासा किया उसने दोनों बच्चों को एनर्जी ड्रिंक पिलाने और पूरा पीने पर 50 रुपये देने का लालच दिया था। इसी बहाने वह दोनों को अर्जुन की साइकिल पर बैठाकर ले गया था। अपहरणकर्ता ने मांगी थी दस लाख की फिरौती जानकारी के मुताबिक, बीजी कॉलोनी से 12 वर्षीय अर्जुन सिंह और 8 वर्षीय प्रद्युम्न यादव को साइकिल सवार एक युवक अपने साथ ले गया था। शुक्रवार सुबह अर्जुन के पिता संजय सिंह के पास व्हाट्सऐप कॉल के जरिए 10 लाख रुपये की फिरौती की मांग की गई और रुपये न देने पर दोनों बच्चों की हत्या की धमकी भी दी गई। आरोपी को पुलिस लखीमपुर खीरी के गोला गोकरननाथ से किया गिरफ्तार मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी मध्य अशीष श्रीवास्तव के निर्देशन में पुलिस की पांच टीमों का गठन किया गया। मोबाइल लोकेशन ट्रेसिंग के आधार पर पुलिस ने आरोपी को लखीमपुर खीरी के गोला गोकरननाथ क्षेत्र से दबोच लिया। वहीं दोनों अपहृत बच्चों को सकुशल परिजनों के हवाले कर दिया गया। अपहरण करने वाला निकला हाईस्कूल का छात्र गिरफ्तार आरोपी की पहचान विजय शर्मा निवासी आलमबाग पटेलनगर के रूप में हुई है, जो कि हाईस्कूल का छात्र है और मूल रूप से सीतापुर के लहरपुर का रहने वाला है। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने केवल पैसों के लालच में इस वारदात को अंजाम दिया था।आरोपी मूल रूप से सीतापुर के लहरपुर का रहने वाला है और आलमबाग स्थित गांधी इंटर कॉलेज में हाईस्कूल का छात्र है। आरोपी ने खुलासा किया उसने दोनों बच्चों को एनर्जी ड्रिंक पिलाने और पूरा पीने पर 50 रुपये देने का लालच दिया था। इसी बहाने वह दोनों को अर्जुन की साइकिल पर बैठाकर ले गया था। दाेनों बच्चों के सुरक्षित वापस लौटने पर परिजनों ने ली राहत की सांस स्थानीय लोगों के अनुसार, बच्चों के गायब होने की खबर मिलते ही कॉलोनी में हड़कंप मच गया था। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से दोनों बच्चों की सुरक्षित वापसी से परिवार और क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली।

अपडेटेड ऑन: **14 Nov, 2025**

अवैध शराब तस्करों पर निवास पुलिस का एक्शन, कुरकुरे के बंडल के नीचे छुपाकर ले जा रहा था लाखों की अवैध शराब

अवैध शराब तस्करों पर निवास पुलिस का एक्शन, कुरकुरे के बंडल के नीचे छुपाकर ले जा रहा था लाखों की अवैध शराब

मण्डला। थाना निवास पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए बड़ी मात्रा में अंग्रेजी शराब तथा परिवहन में प्रयुक्त पिकअप वाहन जप्त किया है। दो आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। 12 जुलाई की रात मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक पिकअप वाहन एमपी/52/जेडबी/5707 जबलपुर से निवास होते हुए डिण्डौरी की ओर जा रहा है जिसमें कुरकुरे के बंडलों के नीचे बड़ी मात्रा में शराब छुपाकर परिवहन की जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक वर्षा पटेल के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस टीम द्वारा ग्राम खड़देवरी भीखमपुर तिराहा निवास जबलपुर मार्ग पर घेराबंदी कर संदिग्ध वाहन को रोककर वाहन की तलाशी ली गई जिसमें कुल 39 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद की गई। इसमें 15 पेटी एमडी रम थीं जिनमें कुल 129.6 लीटर शराब पाई गई। वहीं 24 पेटी जिनियस ट्रिपल एक्स रम से 216 लीटर शराब मिली। कुल बरामद शराब की मात्रा 345.6 लीटर रही जिसकी अनुमानित कीमत 2,77,200 है। परिवहन में प्रयुक्त पिकअप वाहन की अनुमानित कीमत लगभग 10 लाख है। वाहन में सवार दोनों आरोपियों गगन बनवासी पिता समारू बनवासी उम्र 34 वर्ष तथा सुकाली बनवासी पिता जवाहर बनवासी उम्र 25 वर्ष दोनों निवासी ग्राम देवरा थाना डिण्डौरी को मौके पर गिरफ्तार किया गया।