मनोरंजन
पलक मुच्छल का मानवीय चमत्कार—3800 बच्चों को नई ज़िंदगी देने वाली ‘सुरों की परी’ बनी विश्व रिकॉर्ड धारक
बॉलीवुड की मधुर, दिल को छू लेने वाली आवाज़ और अनगिनत सुपरहिट गीतों के लिए जानी जाने वाली पलक मुच्छल ने इस बार ऐसा काम किया है, जो किसी भी कलाकार की सीमाओं से बहुत आगे जाकर मानवता के इतिहास में दर्ज होता है। इंडौर में जन्मी यह युवा गायिका अब गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स और लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में शामिल हो चुकी हैं—लेकिन यह रिकॉर्ड उनके संगीत के लिए नहीं, बल्कि 3,800 से अधिक गरीब और जरूरतमंद बच्चों के दिल की सर्जरी कराकर उन्हें ज़िंदगी देने के लिए है।
पलक की परोपकार यात्रा किसी बड़ी योजना से नहीं, बल्कि एक भावनात्मक बचपन की घटना से शुरू हुई थी। बचपन में एक ट्रेन यात्रा के दौरान उन्होंने बेहद गरीब और बीमार बच्चों को देखा—और उसी क्षण उन्होंने स्वयं से एक वादा किया: “एक दिन मैं इनकी मदद जरूर करूँगी।” वर्षों बाद यह छोटी-सी प्रतिज्ञा एक विशाल मानवतावादी मिशन में बदल गई, जिसे आज दुनिया Palak-Palash Charitable Foundation के नाम से जानती है। पलक अपने हर कॉन्सर्ट की कमाई, हर निजी बचत और हर संभव संसाधन उन बच्चों की सर्जरी में लगाती हैं, जिनके दिल धड़कने के लिए संघर्ष कर रहे होते हैं।
सिर्फ मेडिकल मदद ही नहीं—पलक समाज और देश के प्रति लगातार सक्रिय रही हैं। उन्होंने कारगिल शहीदों के परिवारों की सहायता, गुजरात भूकंप पीड़ितों को 10 लाख रुपये का सहयोग, और कई राहत अभियानों में बढ़-चढ़कर योगदान दिया। उनकी दानशीलता किसी इवेंट का हिस्सा नहीं, बल्कि उनका जीवन-मंत्र बन चुकी है।
संगीत की दुनिया में ‘मेरी आशिक़ी’, ‘कौन तुझे’, ‘तेरा मेरा रिश्ता’, ‘प्रेम रतन धन पायो’ जैसे गीतों ने पलक को देश की चहेती आवाज़ बनाया, लेकिन उनकी लोकप्रियता ने उनके मिशन को कभी धीमा नहीं किया। पलक के सुरों से निकला हर गीत किसी न किसी बच्चे की सांस बचाने के लिए धन एकत्र करता रहा।
उनकी इस यात्रा में उनके पति और मशहूर संगीतकार मिथुन हमेशा उनके साथ मजबूती से खड़े रहे। उनका वह बयान आज भी लोगों के दिलों में गूंजता है—“चाहे शो न हो, कमाई न हो… लेकिन एक बच्चे की सर्जरी कभी नहीं रुकेगी।” यह शब्द सिर्फ समर्थन नहीं, बल्कि एक साझा संकल्प का ऐलान हैं—एक ऐसा मिशन जो इंसानियत को सर्वोच्च मानता है।
आज जब पलक मुच्छल का नाम गिनीज रिकॉर्ड में दर्ज हुआ है, तो यह सम्मान सिर्फ एक कलाकार का नहीं, बल्कि उन 3,800 बच्चों की धड़कनों का उत्सव है जिन्हें उन्होंने नई जिंदगी दी। यह उन परिवारों की मुस्कुराहट का प्रमाण है, जो कभी अस्पताल के बरामदों में अपने बच्चों के लिए दुआ माँगते थे। पलक मुच्छल ने साबित कर दिया है कि संगीत सिर्फ सुनने की चीज़ नहीं—यह किसी की ज़िंदगी बचाने का माध्यम भी हो सकता है।
कटरीना कैफ बनीं मां, विक्की कौशल ने शेयर की गुड न्यूज़
मुंबई से बड़ी खबर: बॉलीवुड के सबसे पसंदीदा और चर्चित कपल में से एक — विक्की कौशल और कटरीना कैफ — अब माता-पिता बन गए हैं। सोमवार सुबह मुंबई के एक प्राइवेट अस्पताल में कटरीना कैफ ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। जैसे ही विक्की कौशल ने सोशल मीडिया पर यह खुशखबरी साझा की, बधाइयों की बाढ़ सी आ गई। अभिनेता ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा — “हमारे घर आज खुशियों का सूरज उगा है। हम दोनों भगवान का शुक्रिया अदा करते हैं कि उन्होंने हमें यह सबसे खूबसूरत तोहफा दिया। हमारे बेटे के लिए दुआएं दीजिए।”
यह खबर आते ही पूरे बॉलीवुड में खुशी की लहर दौड़ गई। फैंस और सेलेब्रिटीज़ ने कमेंट सेक्शन में शुभकामनाओं की झड़ी लगा दी। आलिया भट्ट, प्रियंका चोपड़ा, करण जौहर, कैटरीना की खास दोस्त अनुष्का शर्मा और सलमान खान समेत तमाम सितारों ने इस जोड़े को शुभकामनाएं दीं। अनुष्का ने लिखा — “Welcome to parenthood, Kat & Vicky! Lots of love to the little one.” वहीं करण जौहर ने पोस्ट किया — “This is pure joy! Love and blessings to the new family of three.”
कटरीना और विक्की, जो दिसंबर 2021 में शादी के बंधन में बंधे थे, पिछले कुछ महीनों से लगातार चर्चा में थे। मीडिया में कटरीना की प्रेग्नेंसी को लेकर कई अटकलें चल रही थीं, लेकिन दोनों ने हमेशा अपनी निजी जिंदगी को निजी रखा। विक्की कौशल ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा था — “पर्सनल लाइफ जितनी प्राइवेट रहे, उतना ही बेहतर। जब वक्त आएगा, हम खुद बताएंगे।” और आज वही वक्त आखिरकार आ गया।
कटरीना और विक्की ने अपने बच्चे के जन्म से पहले ही घर में सभी तैयारियां पूरी कर ली थीं। मुंबई के जुहू स्थित उनके घर में पहले से ही नर्सरी बनाई गई थी। परिवार के करीबियों ने बताया कि कपल ने बेटे के लिए “सी-साइड थीम” वाला कमरा तैयार किया है — हल्के नीले और सफेद रंग की सजावट के साथ, जो उनके समुद्र-प्रेम को दर्शाती है।
विक्की कौशल के परिवार में यह पहली संतान है, और दोनों परिवारों में जश्न का माहौल है। विक्की के पिता, दिग्गज एक्शन डायरेक्टर शाम कौशल ने मीडिया से कहा — “भगवान की दया है। मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। हमारे परिवार में यह बहुत बड़ी खुशी का पल है।” वहीं कटरीना की बहन इसाबेल कैफ ने सोशल मीडिया पर लिखा — “Our sunshine is here!”
बॉलीवुड गलियारों में यह भी खबर है कि विक्की और कटरीना अपने बेटे की पहली तस्वीर कुछ दिनों बाद ही साझा करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, कपल ने अभी बच्चे की तस्वीर मीडिया से दूर रखने का फैसला किया है और उन्होंने अस्पताल में भी गोपनीयता बनाए रखने के लिए सख्त सुरक्षा इंतज़ाम किए हैं।
कटरीना कैफ, जिन्होंने हाल ही में ‘टाइगर 3’ में सलमान खान के साथ धमाकेदार परफॉर्मेंस दी थी, अब कुछ समय के लिए फिल्मों से ब्रेक लेंगी। वहीं विक्की कौशल अपनी अगली फिल्म ‘छावा’ की शूटिंग जल्द शुरू करने वाले हैं, लेकिन उन्होंने मीडिया से कहा है कि वे अब कुछ हफ्तों तक अपने परिवार के साथ समय बिताएंगे।
8 गोलियां, एक गलती… और जिंदगी का खेल! यह साउथ क्राइम थ्रिलर दिमाग हिला देगी
भारतीय सिनेमा में साउथ इंडस्ट्री की थ्रिलर फिल्मों ने हमेशा दर्शकों को चौकन्ना कर देने वाला अनुभव दिया है। इसी सिलसिले में एक ऐसी फिल्म डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है, जिसे देखने के बाद दर्शक लंबे समय तक उसकी कहानी भूल नहीं पाएंगे। हम बात कर रहे हैं “8 Thottakkal” की — एक ऐसी क्राइम थ्रिलर जो क्लासिक सस्पेंस, मनोवैज्ञानिक टकराव और रियलिस्टिक पुलिस-क्राइम वर्ल्ड का बेहतरीन मिश्रण है। फिल्म की तेज रफ्तार कहानी हर कुछ मिनट में नया मोड़ देती है, जिससे दर्शक आख़िर तक अनुमान नहीं लगा पाते कि असली खेल क्या है। यही रहस्य और रोमांच इसे साउथ सिनेमा की यादगार थ्रिलर फिल्मों में शामिल करता है।
यह फिल्म एक ईमानदार लेकिन बदकिस्मत पुलिसकर्मी की जिंदगी की कड़वी सच्चाई पेश करती है, जिसकी सर्विस रिवॉल्वर लापरवाही में खो जाती है। लेकिन वह रिवॉल्वर उसके जीवन और शहर की सुरक्षा के लिए एक भयानक हथियार बन जाती है। जैसे-जैसे अपराधों की श्रृंखला उस हथियार से जुड़ी मिलती है, हालात और बिगड़ते जाते हैं। नायक खुद को ऐसे संघर्ष के बीच फंसा पाता है जिसमें न सिर्फ उसकी नौकरी दांव पर होती है, बल्कि उसकी ईमानदारी और जिंदाबाद का सिद्धांत भी जांच के कठघरे में खड़ा हो जाता है। फिल्म दिखाती है कि कैसे किस्मत कभी-कभी हथकड़ी बनकर हाथ पकड़ लेती है और इंसान अपनी ही कहानी का सबसे बड़ा अपराधी लगने लगता है।
“8 Thottakkal” की विशेषता इसका कच्चा और यथार्थवादी फिल्मांकन है। कहानी अपराध की दुनिया में जाकर उनके पीछे छिपे सामाजिक दर्द, आर्थिक मजबूरियां और मानसिक टूटन को बेहद संवेदनशीलता से उभारती है। कोई किरदार पूरी तरह खलनायक नहीं — और ना ही कोई पूरी तरह नायक। यही ग्रे एरिया इसे एक मजबूत सिनेमैटिक अनुभव में बदल देता है। धीरे-धीरे खुलते राज, भावनाओं के टकराव और तीखे टर्न, दर्शकों की धड़कनों को लगातार तेज बनाए रखते हैं।
फिल्म का निर्देशन, बैकग्राउंड म्यूजिक और कैमरा वर्क इसे और प्रभावशाली बना देता है। खासकर क्लाइमैक्स ऐसा कि देखने वालों की रूह कांप जाए। बिना किसी ओवरड्रामेटिक सीन के, यह फिल्म एक ऐसी हकीकत का दर्पण दिखाती है जहाँ एक छोटी-सी गलती — आठ गोलियों वाले हथियार से — मौत और जीवन का फर्क मिटा देती है।
यह फिल्म उन दर्शकों के लिए खास है जो मसाला मनोरंजन से अलग दमदार और सोचने पर मजबूर करने वाली कहानियों के शौकीन हैं। यदि आप साउथ की क्राइम थ्रिलर फिल्मों का रोमांच पसंद करते हैं तो “8 Thottakkal” आपकी वॉचलिस्ट में जरूर शामिल होनी चाहिए। यह फिल्म OTT प्लेटफ़ॉर्म्स Jio, Hotstar, Zee5 और Adda पर उपलब्ध है, जहाँ आप इसे अपनी भाषा विकल्पों के साथ आसानी से स्ट्रीम कर सकते हैं।
‘थामा’ धमाल, 100 करोड़ क्लब में शामिल ‘एक दीवाने की दीवानियत’ भी 50 करोड़ के करीब
बॉलीवुड में इस हफ्ते बॉक्स ऑफिस पर दो फिल्मों ने जबरदस्त प्रदर्शन कर दर्शकों और फिल्म इंडस्ट्री दोनों को हैरान कर दिया है। आयुष्मान खुराना और रश्मिका मंदाना स्टारर फिल्म ‘थामा’ ने मात्र 10 दिनों में 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। वहीं दूसरी ओर, हर्षवर्धन राणे की रोमांटिक ड्रामा ‘एक दीवाने की दीवानियत’ ने भी लगभग 50 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर अपनी लागत निकाल ली है।
फिल्म ‘थामा’ ने अपने अनोखे विषय, सशक्त अभिनय और सामाजिक संदेश की वजह से दर्शकों के दिलों को जीत लिया है। ट्रेड एनालिस्ट्स के मुताबिक, आयुष्मान खुराना ने अपने किरदार में भावनाओं की गहराई और यथार्थ का ऐसा मिश्रण दिखाया है जिसने फिल्म को ‘कंटेंट-बेस्ड हिट’ की श्रेणी में पहुंचा दिया है। वहीं रश्मिका मंदाना की सरल और प्रभावशाली अदाकारी ने फिल्म की लोकप्रियता को कई गुना बढ़ा दिया है। फिल्म ने न केवल शहरी सिनेमा हॉल्स में बल्कि छोटे शहरों में भी जबरदस्त ओपनिंग दर्ज की है, जो इसकी कहानी और प्रदर्शन दोनों की सफलता का प्रमाण है।
हर्षवर्धन राणे की फिल्म ‘एक दीवाने की दीवानियत’ ने धीरे-धीरे दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित किया। रोमांटिक थ्रिलर जॉनर की इस फिल्म ने शुरुआती दिनों में मामूली कमाई की थी, लेकिन वर्ड ऑफ माउथ और सोशल मीडिया ट्रेंड्स ने इसे गति दी। अब फिल्म ने अपने निर्माण खर्च को निकालते हुए 50 करोड़ रुपये की कमाई के करीब पहुंचकर निर्माता-निर्देशक दोनों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है।
बॉक्स ऑफिस पर इन दोनों फिल्मों की सफलता यह दिखाती है कि भारतीय दर्शक अब केवल स्टारकास्ट नहीं, बल्कि कहानी और प्रस्तुति में नयापन देखना चाहते हैं। जहां ‘थामा’ कंटेंट और सामाजिक संदेश की जीत है, वहीं ‘एक दीवाने की दीवानियत’ भावनाओं और प्यार के पुराने जादू को नए अंदाज़ में पेश करने का उदाहरण है।
दोनों फिल्मों की सफलता से फिल्म इंडस्ट्री में एक नई उम्मीद जगी है — कि अच्छे कंटेंट और ईमानदार प्रदर्शन के बल पर किसी भी फिल्म को दर्शकों का प्यार मिल सकता है, चाहे वह बड़े बजट की हो या सीमित संसाधनों से बनी।
पंकज धीर के अंतिम संस्कार में नम दिखीं सलमान खान की आंखें — अरबाज, सिद्धार्थ मल्होत्रा समेत कई सितारे पहुंचे अंतिम विदाई देने
आंसुओं में डूबा बॉलीवुड: ‘कर्ण’ को दी गई अंतिम विदाई
टीवी के महाभारत में ‘कर्ण’ की अमर भूमिका निभाने वाले पंकज धीर के निधन ने पूरे फिल्म जगत को शोक में डुबो दिया है। मुंबई में हुए उनके अंतिम संस्कार में कई नामी बॉलीवुड सितारे पहुंचे। जहां एक तरफ परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था, वहीं दूसरी ओर इंडस्ट्री के बड़े चेहरों की आंखों में भी आंसू छलक उठे।
सलमान खान हुए भावुक, आंखों में भर आया दर्द
अभिनेता सलमान खान जब श्मशान घाट पहुंचे, तो वे बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने पंकज धीर के बेटे नकुल धीर और अभिनेता निकितिन धीर को गले लगाकर ढांढस बंधाया। सलमान की आंखों में नमी और चेहरे पर गहरा दुख साफ झलक रहा था। इंडस्ट्री में सभी जानते हैं कि सलमान खान का धीर परिवार से गहरा लगाव रहा है, और इस क्षति ने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया।
अरबाज खान, सिद्धार्थ मल्होत्रा समेत कई सितारे पहुंचे
सलमान खान के साथ उनके भाई अरबाज खान, अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा, सुनिल शेट्टी, अश्विनी भावे, मुकेश खन्ना, और कई अन्य कलाकार भी अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। हर किसी के चेहरे पर शोक की छाया थी। सभी ने पंकज धीर के पार्थिव शरीर पर फूल चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी और परिवार के प्रति संवेदना जताई।
‘महाभारत’ के कलाकारों ने याद किया ‘कर्ण’ का स्वाभिमान
पंकज धीर के साथ काम कर चुके ‘महाभारत’ के कई कलाकारों ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा किए। मुकेश खन्ना (भीष्म पितामह) ने लिखा — “कर्ण जैसा किरदार और पंकज जैसा कलाकार दोबारा नहीं मिलेगा। उन्होंने जिस गरिमा से अभिनय किया, वह सदियों तक याद रहेगा।”
फिल्म जगत में शोक की लहर, फैन्स ने भी दी श्रद्धांजलि
पंकज धीर के निधन की खबर जैसे ही सामने आई, सोशल मीडिया पर शोक संदेशों की बाढ़ आ गई। फैन्स ने उनकी लोकप्रिय भूमिकाओं — ‘कर्ण’ (महाभारत), ‘ताल’, ‘सन ऑफ सरदार’, और ‘बॉर्डर’ — के यादगार डायलॉग्स साझा कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
‘जो भी जाने वाला है…’ निकितिन की पोस्ट हुई वायरल
ध्यान देने योग्य है कि पंकज धीर के निधन से ठीक पहले उनके बेटे निकितिन धीर ने एक भावुक पोस्ट शेयर की थी — “जो भी जाने वाला है, उसे जाना ही होता है… बस कुछ यादें छोड़ जाता है।” अब यह पोस्ट सोशल मीडिया पर गहराई से लोगों के दिल को छू रही है।
धर्मेंद्र अस्पताल में—मौत की अफवाहों पर परिवार सख्त, हेमा मालिनी का मीडिया पर तीखा वार
बॉलीवुड के महानायक और हिंदी सिनेमा के “ही-मैन” धर्मेंद्र (89) की तबीयत को लेकर सोमवार को पूरे देश में चिंता की लहर दौड़ गई, जब सोशल मीडिया और कुछ चैनलों ने उनकी मौत की फर्जी खबरें चलानी शुरू कर दीं। अभिनेता को सांस की तकलीफ़ के बाद मुंबई के Breach Candy Hospital में भर्ती कराया गया है, लेकिन परिवार ने साफ किया है कि स्थिति नियंत्रण में है और वह इलाज पर अच्छी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। फर्जी खबरों के फैलते ही अस्पताल के बाहर प्रशंसकों और मीडिया की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जबकि परिवार लगातार शांति और निजता की अपील करता रहा।
सबसे पहले धर्मेंद्र की बेटी ईशा देओल ने सोशल मीडिया पर एक आपात संदेश साझा किया और बताया कि उनके पिता “स्थिर हैं और धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहे हैं।” इसके साथ ही उन्होंने उन मीडिया संस्थानों को कड़ी चेतावनी दी जो बिना पुष्टि के “शर्मनाक, संवेदनहीन और ग़लत” खबरें प्रसारित कर रहे थे। इसके तुरंत बाद सनी देओल की टीम की ओर से भी आधिकारिक बयान आया कि धर्मेंद्र डॉक्टरों की निगरानी में हैं और परिवार जनता से अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील करता है।
लेकिन सबसे तीखा और भावुक बयान आया धर्मेंद्र की पत्नी और दिग्गज अभिनेत्री हेमा मालिनी की ओर से। उन्होंने अपने आधिकारिक अकाउंट से यह कड़ा ट्वीट जारी किया, जिसका स्क्रीनशॉट भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया हेमा मालिनी का यह बयान स्पष्ट रूप से बताता है कि परिवार इन फर्जी खबरों से कितना आहत है। उन्होंने मीडिया की संवेदनहीनता को “अक्षम्य” करार देते हुए कहा कि ऐसे समय में सम्मान, धैर्य और सत्य का पालन आवश्यक है। उनके अनुसार, बिना पुष्टि के मृत्यु की खबरें चलाना न केवल अनैतिक है बल्कि मानवता के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।
इधर अस्पताल सूत्रों ने भी बताया कि धर्मेंद्र को सांस लेने में परेशानी और सामान्य उम्र-संबंधी जटिलताओं के चलते भर्ती किया गया था। परिवार और डॉक्टरों के मुताबिक, वह वेंटिलेटर पर नहीं हैं, बल्कि नियमित ऑब्जर्वेशन में रखे गए हैं। रात के समय बॉलीवुड के कई कलाकार—शाहरुख खान, सलमान खान, गोविंदा और बॉबी देओल—अस्पताल पहुंचे, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि फिल्म इंडस्ट्री के भीतर भी चिंताएँ गहरी हैं।
‘डर नहीं, दहशत हूं’: खतरनाक एक्शन अवतार में शाहरुख खान, रिलीज हुआ ‘किंग’ का धमाकेदार टीज़र
बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान ने अपने जन्मदिन पर फैंस को सबसे बड़ा तोहफ़ा दे दिया — उनकी आने वाली एक्शन फिल्म ‘किंग’ (King) का टीज़र रिलीज हो गया है। सिद्धार्थ आनंद के निर्देशन में बन रही यह फिल्म दर्शकों को रोमांस के बादशाह से एक नए, खतरनाक और तीखे शेड्स में मिलाने वाली है। टीज़र में शाहरुख का किरदार ऐसा दिखाया गया है जो खुद कहता है — “डर नहीं, दहशत हूं।” इस एक डायलॉग ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है और यह साफ कर दिया है कि यह फिल्म शाहरुख खान के करियर का सबसे पावरफुल और ग्रिट्टी एक्शन ड्रामा साबित होने वाली है।टीज़र की शुरुआत धुएं और रोशनी के बीच होती है, जहां शाहरुख खान एक रहस्यमय अंदाज़ में कैमरे की तरफ बढ़ते नजर आते हैं। उनके चेहरे पर गुस्सा, आत्मविश्वास और डर का अनोखा मिश्रण दिखाई देता है। बैकग्राउंड में गूंजता है— “मैं डर नहीं, दहशत हूं…” — और यहीं से दर्शकों को एहसास होता है कि यह वही शाहरुख नहीं हैं जिन्हें हमने रोमांटिक हीरो के रूप में देखा है। यह ‘किंग’ है — जो अपनी ताकत और तेवर से एक नई कहानी लिखने वाला है। शाहरुख का यह लुक पहले से कहीं ज्यादा गहरा, मस्कुलर और उग्र दिख रहा है, और उनके हावभाव से ही स्पष्ट है कि इस बार वह दर्शकों को सीट से उठने नहीं देंगे।
सिद्धार्थ आनंद के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में एक्शन और इमोशन का संगम देखने को मिलेगा। ‘पठान’ और ‘वॉर’ जैसी फिल्मों से अंतरराष्ट्रीय स्तर का एक्शन देने वाले सिद्धार्थ इस बार “किंग” के जरिए अपने करियर का सबसे बड़ा प्रयोग कर रहे हैं। खास बात यह है कि इस फिल्म में शाहरुख खान के साथ उनकी बेटी सुहाना खान भी नज़र आएंगी — और यह उनका पहला बड़ा सिनेमाई डेब्यू होगा। फैंस के लिए यह देखना दिलचस्प होगा कि असल जिंदगी की यह पिता-बेटी की जोड़ी पर्दे पर कैसी केमिस्ट्री दिखाती है।
फिल्म में दीपिका पादुकोण, अनिल कपूर, अभिषेक बच्चन, जैकी श्रॉफ और अर्शद वारसी जैसे कलाकार भी अहम किरदार निभा रहे हैं, जिससे इसकी स्टार पावर और बढ़ गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म का बजट लगभग ₹200 करोड़ के आसपास है, और इसे 2026 की गांधी जयंती वीकेंड पर रिलीज करने की योजना है। इस रणनीति के पीछे लक्ष्य है कि अधिकतम दर्शक सिनेमाघरों तक पहुंचें और फिल्म को भव्य ओपनिंग मिले।
‘किंग’ के टीज़र ने इंटरनेट पर बवंडर मचा दिया है। सोशल मीडिया पर फैंस ने इसे शाहरुख खान का “रीबर्थ मोमेंट” बताया है। लोग कह रहे हैं कि ‘पठान’ और ‘जवान’ के बाद यह फिल्म बॉलीवुड की एक्शन शैली को एक नई दिशा देने जा रही है। फिल्म के संवाद, बैकग्राउंड म्यूजिक और सिनेमैटिक स्टाइल से यह साफ झलकता है कि यह कोई सामान्य एक्शन मूवी नहीं बल्कि एक इमोशनल-एक्शन सागा होगी, जिसमें एक आदमी की ताकत, संघर्ष और बदले की कहानी गहराई से दिखाई देगी।
कुल मिलाकर, ‘किंग’ का टीज़र यह संकेत देता है कि शाहरुख खान अब सिर्फ ‘दिलों के किंग’ नहीं, बल्कि सिनेमाई दुनिया के ‘दहशत के किंग’ भी बनने जा रहे हैं। जैसे उनके संवाद में है — “डर नहीं, दहशत हूं” — यह लाइन शायद आने वाले समय में बॉलीवुड के एक नए युग की घोषणा बन जाए।
शाहरुख खान की फिल्म ‘किंग’ के टीज़र ने रिलीज़ होते ही सोशल मीडिया पर तूफान मचा दिया है। लाखों फैंस ने ट्विटर (अब एक्स), इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर इस टीज़र के क्लिप्स, डायलॉग्स और स्क्रीनशॉट्स शेयर किए हैं। कई लोगों ने इसे “Bollywood’s comeback to real action” कहा, तो कुछ ने लिखा — “शाहरुख खान अब सिर्फ रोमांस नहीं, रॉ पावर का चेहरा हैं।” फिल्म के पोस्टर्स पर फैंस ने एडिट्स बनाकर ‘King SRK Era Begins’ जैसे हैशटैग ट्रेंड करा दिए। वहीं, ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि यह फिल्म भारतीय एक्शन सिनेमा के लिए एक नया बेंचमार्क तय कर सकती
‘द ताज स्टोरी’ पर सियासी संग्राम: BJP नेता बोले – फिल्म मेरी याचिका पर आधारित, सेंसर बैन की मांग
अयोध्या के एक बीजेपी नेता ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) में शिकायत दर्ज कराई है। वे आगामी फिल्म ‘द ताज स्टोरी’ पर तत्काल रोक लगाने की मांग कर रहे हैं, जिसमें परेश रावल मुख्य भूमिका में हैं। उनका दावा है कि फिल्म उनकी हाईकोर्ट याचिका के विषय पर ही बनी है!
बीजेपी प्रवक्ता राजनेश सिंह ने अक्टूबर 2022 में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में याचिका दाखिल की थी। इसमें उन्होंने ताजमहल के अंदर बंद 22 कमरों को खोलने की मांग की, क्योंकि उनका मानना है कि यह इमारत मूल रूप से एक हिंदू मंदिर थी। याचिका में उन्होंने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की कमेटी गठित कर 17वीं सदी के इस स्मारक की सच्चाई जांचने को कहा था। लेकिन मई 2022 में हाईकोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।
सोमवार को मंत्रालय और सीबीएफसी को भेजी शिकायत में सिंह ने कहा, “मैंने ताजमहल के 22 बंद कमरों को खोलने के लिए जनहित याचिका दाखिल की थी। मेरा इरादा सिर्फ इतिहास की सच्चाई सामने लाना और पारदर्शिता सुनिश्चित करना था।
अब पता चला है कि फिल्म ‘द ताज स्टोरी’ मेरी याचिका के मुद्दे पर ही आधारित है!” उन्होंने आरोप लगाया कि फिल्म के पोस्टर, प्रमोशनल सामग्री और कहानी में उनकी याचिका और कोर्ट केस को बिना अनुमति लिए ‘भ्रामक’ तरीके से दिखाया गया है। “यह मेरे बौद्धिक और कानूनी अधिकारों का उल्लंघन है। न्यायिक मामले का व्यावसायिक इस्तेमाल गलत है,” सिंह ने जोर देकर कहा।
उन्होंने चेतावनी दी, “ऐसी फिल्म रिलीज होने से न सिर्फ अदालती प्रक्रिया प्रभावित होगी, बल्कि समाज में धार्मिक तनाव और अशांति फैल सकती है।” इसलिए वे सेंसर प्रक्रिया और फिल्म की रिलीज पर फौरन रोक लगाने की मांग कर रहे हैं।
सिंह ने आगे कहा कि फिल्म की स्क्रिप्ट और स्टोरीलाइन की जांच होनी चाहिए — क्या इसमें उनकी याचिका का कोई हिस्सा या बौद्धिक सामग्री बिना इजाजत इस्तेमाल की गई है? जांच पूरी होने तक फिल्म का प्रमोशन और प्रदर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाए।
फिल्म के बारे में: ‘द ताज स्टोरी’ एक हिंदी कोर्टरूम ड्रामा है, जिसे तुषार अमरीश गोयल ने लिखा और निर्देशित किया है। निर्माता हैं सुरेश झा। मुख्य भूमिकाओं में परेश रावल के अलावा जाकिर हुसैन, अमृता खानविलकर, नमित दास और स्नेहा वाघ हैं।
जब सुपरस्टार ‘भाई’ सलमान खान को कैटरीन के सामने ₹8 चुकाने के लिए एक अजनबी से लेने पड़े थे ₹100 उधार — सादगी भरे संघर्ष की अनसुनी कहानी
बॉलीवुड के सबसे बड़े और सबसे प्रभावशाली सितारों में से एक, सलमान खान, जिन्हें आज पूरा देश प्यार से ‘भाई’ के नाम से जानता है और जिनकी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ करोड़ों का कारोबार करती हैं, उनकी जिंदगी में भी एक ऐसा दौर था जब वह बिल्कुल एक सामान्य इंसान की तरह छोटी-मोटी और साधारण-सी परेशानियों से जूझते थे। यह कहानी उस समय की है जब सलमान अभी पूरी तरह से सुपरस्टारडम के शिखर पर नहीं पहुंचे थे।
वह दौर था जब वह महंगी कारों के बजाय अपनी बाइक पर सवार होकर मुंबई की सड़कों पर बेफिक्री से घूमा करते थे, और कभी-कभी पैसे की मामूली तंगी भी उन्हें सामान्य लोगों की तरह ही मजबूर कर देती थी। यह विशेष घटना तब की है जब सलमान अपनी तत्कालीन गर्लफ्रेंड कैटरीना कैफ के साथ मुंबई के पॉश बांद्रा इलाके की सड़कों पर साइकिल चलाने निकले थे। वह एक आम, हल्की हवा वाली खुशनुमा शाम थी, और दोनों युवा प्रेमी जोड़े की तरह बिना किसी बड़ी चिंता के अपनी साइकिल की सवारी का आनंद ले रहे थे। तभी अचानक उनकी साइकिल का टायर पंक्चर हो गया और उसकी हवा निकल गई। हवा भरवाने के लिए वे पास ही स्थित एक पुराने पंक्चर वाले की दुकान पर पहुंचे, जो सलमान खान का पुराना और परिचित था।
₹8 के मामूली कर्ज ने सुपरस्टार को दिलाई शर्मिंदगी: जब पंक्चर वाले ने साइकिल छोड़ने को कहा
यह वही पुरानी, साधारण-सी दुकान थी जहाँ सलमान अपने शुरुआती दिनों में भी अक्सर आया करते थे, और तब वे साइकिल में हवा भरवाने के लिए शायद सिर्फ 25 पैसे का भुगतान करते थे। लेकिन उस दिन परिस्थितियाँ और हिसाब-किताब कुछ और ही थे। पंक्चर वाले ने सलमान को देखते ही बिना किसी लाग-लपेट के कहा, “बाबा, तुम्हें तो मेरे आठ रुपये बाकी हैं।” सलमान खान यह सुनकर पूरी तरह से हैरान रह गए। आठ रुपये? इतनी छोटी सी और मामूली रकम के लिए भी उन्हें अपनी गर्लफ्रेंड कैटरीना के सामने और आसपास जुटने लगी भीड़ के सामने बेहद शर्मिंदगी महसूस हो रही थी। दुकानदार ने बताया कि दरअसल, पहले के दिनों में सलमान कई बार साइकिल की हवा भरवाकर या छोटा-मोटा काम करवाकर पैसे बाद में देने का वादा करके चले जाते थे, और अब वह कर्ज चुकाने का अप्रत्याशित समय आ गया था। समस्या यह थी कि सलमान के पास उस वक्त उनकी जेब में एक फूटी कौड़ी भी नहीं थी।
उन्होंने घर से निकलते समय इतनी छोटी-सी मजबूरी आने का सोचा भी नहीं था। कैटरीना भी उनके साथ थीं, और आस-पास लोग इकट्ठा होकर यह अजीबोगरीब स्थिति देख रहे थे, जिससे यह पूरा वाकया और भी ज्यादा शर्मनाक और असहज बन गया था। सलमान ने पंक्चर वाले से यह कहकर मामले को टालना चाहा कि वे घर जाकर तुरंत पैसे भेज देंगे, लेकिन दुकानदार ने साफ इनकार कर दिया। उन्होंने दो-टूक कहा, “नहीं, पैसे के बिना साइकिल यहीं छोड़कर जाओ।”
‘कांतारा चैप्टर 1’ का जलवा — ऋषभ शेट्टी की फिल्म ने तोड़ा ‘बाहुबली’ का रिकॉर्ड, 13वें दिन वर्ल्डवाइड कमाई 650 करोड़ पार!
दक्षिण भारतीय सिनेमा का जादू एक बार फिर सिर चढ़कर बोल रहा है! ऋषभ शेट्टी की फिल्म ‘कांतारा चैप्टर 1’ ने रिलीज के महज 13 दिनों में वो कर दिखाया, जो कभी ‘बाहुबली’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के नाम था। फिल्म की वर्ल्डवाइड कमाई 650 करोड़ रुपए के पार पहुंच चुकी है, और दर्शकों की दीवानगी लगातार बढ़ती जा रही है।
कन्नड़ फिल्म ‘कांतारा चैप्टर 1’ ने बॉक्स ऑफिस पर ऐसा तूफान मचाया है कि बड़े-बड़े ट्रेड एनालिस्ट भी हैरान हैं। फिल्म न केवल दक्षिण भारत में बल्कि उत्तर भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, यूके और खाड़ी देशों में भी ताबड़तोड़ कलेक्शन कर रही है।
रिकॉर्डतोड़ आंकड़े
ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म ने 13वें दिन भारत में करीब ₹18.5 करोड़ की कमाई की, जिससे इसका घरेलू कलेक्शन ₹420 करोड़ तक पहुंच गया है। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार से ₹230 करोड़ का शानदार आंकड़ा दर्ज किया गया है।
कुल मिलाकर फिल्म ने अब तक ₹650 करोड़ से ज्यादा की वर्ल्डवाइड कमाई की है — जो ‘बाहुबली 1’ की शुरुआती 13 दिन की कमाई से अधिक है।
कहानी, प्रदर्शन और भावनात्मक जुड़ाव
‘कांतारा चैप्टर 1’ की कहानी देवभूमि, लोककथाओं और शक्ति की आस्था पर आधारित है। ऋषभ शेट्टी ने फिल्म में न केवल निर्देशन किया है बल्कि मुख्य भूमिका भी निभाई है। उनकी अभिनय क्षमता और कहानी की गहराई ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया है।
फिल्म के क्लाइमेक्स सीन और बैकग्राउंड स्कोर को अब तक का सबसे प्रभावशाली माना जा रहा है।
दक्षिण से वैश्विक पहचान तक
‘कांतारा चैप्टर 1’ अब सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक आंदोलन बन चुकी है। कई अंतरराष्ट्रीय फिल्म समीक्षकों ने इसे “इंडियन मिस्टिक सिनेमा का नया युग” बताया है। सोशल मीडिया पर #KantaraStorm ट्रेंड कर रहा है, और दर्शक फिल्म को “Spiritual Action Blockbuster” कहकर सराह रहे हैं।
अगला पड़ाव — 1000 करोड़ क्लब!
फिल्म की रफ्तार को देखते हुए यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि ‘कांतारा चैप्टर 1’ जल्द ही 1000 करोड़ क्लब में शामिल हो जाएगी। अगर ऐसा होता है, तो यह ऋषभ शेट्टी को भारतीय सिनेमा के सबसे सफल फिल्मकारों में शुमार कर देगा।
कुल मिलाकर, ‘कांतारा चैप्टर 1’ ने साबित कर दिया है कि भारतीय सिनेमा की आत्मा उसकी लोककथाओं और संस्कृति में बसती है — और जब इन्हें सच्चाई और जुनून से पर्दे पर उतारा जाए, तो इतिहास खुद झुक जाता है।
धर्मेंद्र अस्पताल में—मौत की अफवाहों पर परिवार सख्त, हेमा मालिनी का मीडिया पर तीखा वार
बॉलीवुड के महानायक और हिंदी सिनेमा के “ही-मैन” धर्मेंद्र (89) की तबीयत को लेकर सोमवार को पूरे देश में चिंता की लहर दौड़ गई, जब सोशल मीडिया और कुछ चैनलों ने उनकी मौत की फर्जी खबरें चलानी शुरू कर दीं। अभिनेता को सांस की तकलीफ़ के बाद मुंबई के Breach Candy Hospital में भर्ती कराया गया है, लेकिन परिवार ने साफ किया है कि स्थिति नियंत्रण में है और वह इलाज पर अच्छी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। फर्जी खबरों के फैलते ही अस्पताल के बाहर प्रशंसकों और मीडिया की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जबकि परिवार लगातार शांति और निजता की अपील करता रहा।
सबसे पहले धर्मेंद्र की बेटी ईशा देओल ने सोशल मीडिया पर एक आपात संदेश साझा किया और बताया कि उनके पिता “स्थिर हैं और धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहे हैं।” इसके साथ ही उन्होंने उन मीडिया संस्थानों को कड़ी चेतावनी दी जो बिना पुष्टि के “शर्मनाक, संवेदनहीन और ग़लत” खबरें प्रसारित कर रहे थे। इसके तुरंत बाद सनी देओल की टीम की ओर से भी आधिकारिक बयान आया कि धर्मेंद्र डॉक्टरों की निगरानी में हैं और परिवार जनता से अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील करता है।
लेकिन सबसे तीखा और भावुक बयान आया धर्मेंद्र की पत्नी और दिग्गज अभिनेत्री हेमा मालिनी की ओर से। उन्होंने अपने आधिकारिक अकाउंट से यह कड़ा ट्वीट जारी किया, जिसका स्क्रीनशॉट भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया हेमा मालिनी का यह बयान स्पष्ट रूप से बताता है कि परिवार इन फर्जी खबरों से कितना आहत है। उन्होंने मीडिया की संवेदनहीनता को “अक्षम्य” करार देते हुए कहा कि ऐसे समय में सम्मान, धैर्य और सत्य का पालन आवश्यक है। उनके अनुसार, बिना पुष्टि के मृत्यु की खबरें चलाना न केवल अनैतिक है बल्कि मानवता के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।
इधर अस्पताल सूत्रों ने भी बताया कि धर्मेंद्र को सांस लेने में परेशानी और सामान्य उम्र-संबंधी जटिलताओं के चलते भर्ती किया गया था। परिवार और डॉक्टरों के मुताबिक, वह वेंटिलेटर पर नहीं हैं, बल्कि नियमित ऑब्जर्वेशन में रखे गए हैं। रात के समय बॉलीवुड के कई कलाकार—शाहरुख खान, सलमान खान, गोविंदा और बॉबी देओल—अस्पताल पहुंचे, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि फिल्म इंडस्ट्री के भीतर भी चिंताएँ गहरी हैं।
‘डर नहीं, दहशत हूं’: खतरनाक एक्शन अवतार में शाहरुख खान, रिलीज हुआ ‘किंग’ का धमाकेदार टीज़र
बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान ने अपने जन्मदिन पर फैंस को सबसे बड़ा तोहफ़ा दे दिया — उनकी आने वाली एक्शन फिल्म ‘किंग’ (King) का टीज़र रिलीज हो गया है। सिद्धार्थ आनंद के निर्देशन में बन रही यह फिल्म दर्शकों को रोमांस के बादशाह से एक नए, खतरनाक और तीखे शेड्स में मिलाने वाली है। टीज़र में शाहरुख का किरदार ऐसा दिखाया गया है जो खुद कहता है — “डर नहीं, दहशत हूं।” इस एक डायलॉग ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है और यह साफ कर दिया है कि यह फिल्म शाहरुख खान के करियर का सबसे पावरफुल और ग्रिट्टी एक्शन ड्रामा साबित होने वाली है।टीज़र की शुरुआत धुएं और रोशनी के बीच होती है, जहां शाहरुख खान एक रहस्यमय अंदाज़ में कैमरे की तरफ बढ़ते नजर आते हैं। उनके चेहरे पर गुस्सा, आत्मविश्वास और डर का अनोखा मिश्रण दिखाई देता है। बैकग्राउंड में गूंजता है— “मैं डर नहीं, दहशत हूं…” — और यहीं से दर्शकों को एहसास होता है कि यह वही शाहरुख नहीं हैं जिन्हें हमने रोमांटिक हीरो के रूप में देखा है। यह ‘किंग’ है — जो अपनी ताकत और तेवर से एक नई कहानी लिखने वाला है। शाहरुख का यह लुक पहले से कहीं ज्यादा गहरा, मस्कुलर और उग्र दिख रहा है, और उनके हावभाव से ही स्पष्ट है कि इस बार वह दर्शकों को सीट से उठने नहीं देंगे।
सिद्धार्थ आनंद के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में एक्शन और इमोशन का संगम देखने को मिलेगा। ‘पठान’ और ‘वॉर’ जैसी फिल्मों से अंतरराष्ट्रीय स्तर का एक्शन देने वाले सिद्धार्थ इस बार “किंग” के जरिए अपने करियर का सबसे बड़ा प्रयोग कर रहे हैं। खास बात यह है कि इस फिल्म में शाहरुख खान के साथ उनकी बेटी सुहाना खान भी नज़र आएंगी — और यह उनका पहला बड़ा सिनेमाई डेब्यू होगा। फैंस के लिए यह देखना दिलचस्प होगा कि असल जिंदगी की यह पिता-बेटी की जोड़ी पर्दे पर कैसी केमिस्ट्री दिखाती है।
फिल्म में दीपिका पादुकोण, अनिल कपूर, अभिषेक बच्चन, जैकी श्रॉफ और अर्शद वारसी जैसे कलाकार भी अहम किरदार निभा रहे हैं, जिससे इसकी स्टार पावर और बढ़ गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म का बजट लगभग ₹200 करोड़ के आसपास है, और इसे 2026 की गांधी जयंती वीकेंड पर रिलीज करने की योजना है। इस रणनीति के पीछे लक्ष्य है कि अधिकतम दर्शक सिनेमाघरों तक पहुंचें और फिल्म को भव्य ओपनिंग मिले।
‘किंग’ के टीज़र ने इंटरनेट पर बवंडर मचा दिया है। सोशल मीडिया पर फैंस ने इसे शाहरुख खान का “रीबर्थ मोमेंट” बताया है। लोग कह रहे हैं कि ‘पठान’ और ‘जवान’ के बाद यह फिल्म बॉलीवुड की एक्शन शैली को एक नई दिशा देने जा रही है। फिल्म के संवाद, बैकग्राउंड म्यूजिक और सिनेमैटिक स्टाइल से यह साफ झलकता है कि यह कोई सामान्य एक्शन मूवी नहीं बल्कि एक इमोशनल-एक्शन सागा होगी, जिसमें एक आदमी की ताकत, संघर्ष और बदले की कहानी गहराई से दिखाई देगी।
कुल मिलाकर, ‘किंग’ का टीज़र यह संकेत देता है कि शाहरुख खान अब सिर्फ ‘दिलों के किंग’ नहीं, बल्कि सिनेमाई दुनिया के ‘दहशत के किंग’ भी बनने जा रहे हैं। जैसे उनके संवाद में है — “डर नहीं, दहशत हूं” — यह लाइन शायद आने वाले समय में बॉलीवुड के एक नए युग की घोषणा बन जाए।
शाहरुख खान की फिल्म ‘किंग’ के टीज़र ने रिलीज़ होते ही सोशल मीडिया पर तूफान मचा दिया है। लाखों फैंस ने ट्विटर (अब एक्स), इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर इस टीज़र के क्लिप्स, डायलॉग्स और स्क्रीनशॉट्स शेयर किए हैं। कई लोगों ने इसे “Bollywood’s comeback to real action” कहा, तो कुछ ने लिखा — “शाहरुख खान अब सिर्फ रोमांस नहीं, रॉ पावर का चेहरा हैं।” फिल्म के पोस्टर्स पर फैंस ने एडिट्स बनाकर ‘King SRK Era Begins’ जैसे हैशटैग ट्रेंड करा दिए। वहीं, ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि यह फिल्म भारतीय एक्शन सिनेमा के लिए एक नया बेंचमार्क तय कर सकती
‘द ताज स्टोरी’ पर सियासी संग्राम: BJP नेता बोले – फिल्म मेरी याचिका पर आधारित, सेंसर बैन की मांग
अयोध्या के एक बीजेपी नेता ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) में शिकायत दर्ज कराई है। वे आगामी फिल्म ‘द ताज स्टोरी’ पर तत्काल रोक लगाने की मांग कर रहे हैं, जिसमें परेश रावल मुख्य भूमिका में हैं। उनका दावा है कि फिल्म उनकी हाईकोर्ट याचिका के विषय पर ही बनी है!
बीजेपी प्रवक्ता राजनेश सिंह ने अक्टूबर 2022 में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में याचिका दाखिल की थी। इसमें उन्होंने ताजमहल के अंदर बंद 22 कमरों को खोलने की मांग की, क्योंकि उनका मानना है कि यह इमारत मूल रूप से एक हिंदू मंदिर थी। याचिका में उन्होंने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की कमेटी गठित कर 17वीं सदी के इस स्मारक की सच्चाई जांचने को कहा था। लेकिन मई 2022 में हाईकोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।
सोमवार को मंत्रालय और सीबीएफसी को भेजी शिकायत में सिंह ने कहा, “मैंने ताजमहल के 22 बंद कमरों को खोलने के लिए जनहित याचिका दाखिल की थी। मेरा इरादा सिर्फ इतिहास की सच्चाई सामने लाना और पारदर्शिता सुनिश्चित करना था।
अब पता चला है कि फिल्म ‘द ताज स्टोरी’ मेरी याचिका के मुद्दे पर ही आधारित है!” उन्होंने आरोप लगाया कि फिल्म के पोस्टर, प्रमोशनल सामग्री और कहानी में उनकी याचिका और कोर्ट केस को बिना अनुमति लिए ‘भ्रामक’ तरीके से दिखाया गया है। “यह मेरे बौद्धिक और कानूनी अधिकारों का उल्लंघन है। न्यायिक मामले का व्यावसायिक इस्तेमाल गलत है,” सिंह ने जोर देकर कहा।
उन्होंने चेतावनी दी, “ऐसी फिल्म रिलीज होने से न सिर्फ अदालती प्रक्रिया प्रभावित होगी, बल्कि समाज में धार्मिक तनाव और अशांति फैल सकती है।” इसलिए वे सेंसर प्रक्रिया और फिल्म की रिलीज पर फौरन रोक लगाने की मांग कर रहे हैं।
सिंह ने आगे कहा कि फिल्म की स्क्रिप्ट और स्टोरीलाइन की जांच होनी चाहिए — क्या इसमें उनकी याचिका का कोई हिस्सा या बौद्धिक सामग्री बिना इजाजत इस्तेमाल की गई है? जांच पूरी होने तक फिल्म का प्रमोशन और प्रदर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाए।
फिल्म के बारे में: ‘द ताज स्टोरी’ एक हिंदी कोर्टरूम ड्रामा है, जिसे तुषार अमरीश गोयल ने लिखा और निर्देशित किया है। निर्माता हैं सुरेश झा। मुख्य भूमिकाओं में परेश रावल के अलावा जाकिर हुसैन, अमृता खानविलकर, नमित दास और स्नेहा वाघ हैं।
जब सुपरस्टार ‘भाई’ सलमान खान को कैटरीन के सामने ₹8 चुकाने के लिए एक अजनबी से लेने पड़े थे ₹100 उधार — सादगी भरे संघर्ष की अनसुनी कहानी
बॉलीवुड के सबसे बड़े और सबसे प्रभावशाली सितारों में से एक, सलमान खान, जिन्हें आज पूरा देश प्यार से ‘भाई’ के नाम से जानता है और जिनकी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ करोड़ों का कारोबार करती हैं, उनकी जिंदगी में भी एक ऐसा दौर था जब वह बिल्कुल एक सामान्य इंसान की तरह छोटी-मोटी और साधारण-सी परेशानियों से जूझते थे। यह कहानी उस समय की है जब सलमान अभी पूरी तरह से सुपरस्टारडम के शिखर पर नहीं पहुंचे थे।
वह दौर था जब वह महंगी कारों के बजाय अपनी बाइक पर सवार होकर मुंबई की सड़कों पर बेफिक्री से घूमा करते थे, और कभी-कभी पैसे की मामूली तंगी भी उन्हें सामान्य लोगों की तरह ही मजबूर कर देती थी। यह विशेष घटना तब की है जब सलमान अपनी तत्कालीन गर्लफ्रेंड कैटरीना कैफ के साथ मुंबई के पॉश बांद्रा इलाके की सड़कों पर साइकिल चलाने निकले थे। वह एक आम, हल्की हवा वाली खुशनुमा शाम थी, और दोनों युवा प्रेमी जोड़े की तरह बिना किसी बड़ी चिंता के अपनी साइकिल की सवारी का आनंद ले रहे थे। तभी अचानक उनकी साइकिल का टायर पंक्चर हो गया और उसकी हवा निकल गई। हवा भरवाने के लिए वे पास ही स्थित एक पुराने पंक्चर वाले की दुकान पर पहुंचे, जो सलमान खान का पुराना और परिचित था।
₹8 के मामूली कर्ज ने सुपरस्टार को दिलाई शर्मिंदगी: जब पंक्चर वाले ने साइकिल छोड़ने को कहा
यह वही पुरानी, साधारण-सी दुकान थी जहाँ सलमान अपने शुरुआती दिनों में भी अक्सर आया करते थे, और तब वे साइकिल में हवा भरवाने के लिए शायद सिर्फ 25 पैसे का भुगतान करते थे। लेकिन उस दिन परिस्थितियाँ और हिसाब-किताब कुछ और ही थे। पंक्चर वाले ने सलमान को देखते ही बिना किसी लाग-लपेट के कहा, “बाबा, तुम्हें तो मेरे आठ रुपये बाकी हैं।” सलमान खान यह सुनकर पूरी तरह से हैरान रह गए। आठ रुपये? इतनी छोटी सी और मामूली रकम के लिए भी उन्हें अपनी गर्लफ्रेंड कैटरीना के सामने और आसपास जुटने लगी भीड़ के सामने बेहद शर्मिंदगी महसूस हो रही थी। दुकानदार ने बताया कि दरअसल, पहले के दिनों में सलमान कई बार साइकिल की हवा भरवाकर या छोटा-मोटा काम करवाकर पैसे बाद में देने का वादा करके चले जाते थे, और अब वह कर्ज चुकाने का अप्रत्याशित समय आ गया था। समस्या यह थी कि सलमान के पास उस वक्त उनकी जेब में एक फूटी कौड़ी भी नहीं थी।
उन्होंने घर से निकलते समय इतनी छोटी-सी मजबूरी आने का सोचा भी नहीं था। कैटरीना भी उनके साथ थीं, और आस-पास लोग इकट्ठा होकर यह अजीबोगरीब स्थिति देख रहे थे, जिससे यह पूरा वाकया और भी ज्यादा शर्मनाक और असहज बन गया था। सलमान ने पंक्चर वाले से यह कहकर मामले को टालना चाहा कि वे घर जाकर तुरंत पैसे भेज देंगे, लेकिन दुकानदार ने साफ इनकार कर दिया। उन्होंने दो-टूक कहा, “नहीं, पैसे के बिना साइकिल यहीं छोड़कर जाओ।”
‘कांतारा चैप्टर 1’ का जलवा — ऋषभ शेट्टी की फिल्म ने तोड़ा ‘बाहुबली’ का रिकॉर्ड, 13वें दिन वर्ल्डवाइड कमाई 650 करोड़ पार!
दक्षिण भारतीय सिनेमा का जादू एक बार फिर सिर चढ़कर बोल रहा है! ऋषभ शेट्टी की फिल्म ‘कांतारा चैप्टर 1’ ने रिलीज के महज 13 दिनों में वो कर दिखाया, जो कभी ‘बाहुबली’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के नाम था। फिल्म की वर्ल्डवाइड कमाई 650 करोड़ रुपए के पार पहुंच चुकी है, और दर्शकों की दीवानगी लगातार बढ़ती जा रही है।
कन्नड़ फिल्म ‘कांतारा चैप्टर 1’ ने बॉक्स ऑफिस पर ऐसा तूफान मचाया है कि बड़े-बड़े ट्रेड एनालिस्ट भी हैरान हैं। फिल्म न केवल दक्षिण भारत में बल्कि उत्तर भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, यूके और खाड़ी देशों में भी ताबड़तोड़ कलेक्शन कर रही है।
रिकॉर्डतोड़ आंकड़े
ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म ने 13वें दिन भारत में करीब ₹18.5 करोड़ की कमाई की, जिससे इसका घरेलू कलेक्शन ₹420 करोड़ तक पहुंच गया है। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार से ₹230 करोड़ का शानदार आंकड़ा दर्ज किया गया है।
कुल मिलाकर फिल्म ने अब तक ₹650 करोड़ से ज्यादा की वर्ल्डवाइड कमाई की है — जो ‘बाहुबली 1’ की शुरुआती 13 दिन की कमाई से अधिक है।
कहानी, प्रदर्शन और भावनात्मक जुड़ाव
‘कांतारा चैप्टर 1’ की कहानी देवभूमि, लोककथाओं और शक्ति की आस्था पर आधारित है। ऋषभ शेट्टी ने फिल्म में न केवल निर्देशन किया है बल्कि मुख्य भूमिका भी निभाई है। उनकी अभिनय क्षमता और कहानी की गहराई ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया है।
फिल्म के क्लाइमेक्स सीन और बैकग्राउंड स्कोर को अब तक का सबसे प्रभावशाली माना जा रहा है।
दक्षिण से वैश्विक पहचान तक
‘कांतारा चैप्टर 1’ अब सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक आंदोलन बन चुकी है। कई अंतरराष्ट्रीय फिल्म समीक्षकों ने इसे “इंडियन मिस्टिक सिनेमा का नया युग” बताया है। सोशल मीडिया पर #KantaraStorm ट्रेंड कर रहा है, और दर्शक फिल्म को “Spiritual Action Blockbuster” कहकर सराह रहे हैं।
अगला पड़ाव — 1000 करोड़ क्लब!
फिल्म की रफ्तार को देखते हुए यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि ‘कांतारा चैप्टर 1’ जल्द ही 1000 करोड़ क्लब में शामिल हो जाएगी। अगर ऐसा होता है, तो यह ऋषभ शेट्टी को भारतीय सिनेमा के सबसे सफल फिल्मकारों में शुमार कर देगा।
कुल मिलाकर, ‘कांतारा चैप्टर 1’ ने साबित कर दिया है कि भारतीय सिनेमा की आत्मा उसकी लोककथाओं और संस्कृति में बसती है — और जब इन्हें सच्चाई और जुनून से पर्दे पर उतारा जाए, तो इतिहास खुद झुक जाता है।